28 फ़रवरी 2018

प्रेमचंद और प्रसाद जी को भी आज के दौर में इंटरनेट पर आर्टिकल लिखने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी




  प्रेमचंद और प्रसाद जी को भी आज के दौर में इंटरनेट पर आर्टिकल  लिखने के लिए मशक्कत  करनी पड़ेगी।






 आज कल इंटरनेट में सामग्रियों की बाढ़ आई हुई है। रिसर्च ने यह दिखाया है की   औसत रूप से व्यक्ति सिर्फ तीन मिनट के आर्टिकल ही पढ़ सकता है।  तीन मिनट का अटेन्सन स्पान  एक कड़वी दवा के जैसी है जिसका सेवन पढ़ने और लिखने वाले दोनों को ही  करना पड़ता है। THE WRITING COOPERATIVE  के कृश जोन्स ने    आर्टिकल तैयार करने के लिए एक फार्मूला बनाया  है।



नया आईडिया दें -- इंटरनेट इसके लिए सबसे सही जगह है। चाहे तो प्रश्न उत्तर के माध्यम से या फिर कुछ नई खोज

एक नया करैक्टर को प्रस्तुत करें - एक दो पैराग्राफ पर्याप्त है।

चैप्टर को ताजगी भरे अंदाज से शुरू करें - पहले कुछ पैराग्राफ पर ही सब कुछ निर्भर करता है - आपका विचार , आपका प्लाट , आपकी जानकारी।  अगर 500 शब्दों में आप जादू नहीं जगा पाएं तो फिर से शुरू करें।

एक एकदम नया प्रश्न शुरू करें - आपको कुछ स्मार्ट लोगों को इंगेज करना होगा , कुछ नयी सलाह भी मिल सकती है।


सीरीज में लिखें , कुछ रोचकता  और रहस्य भी जरुरी है , अपने  सबसे महत्वपूर्ण कार्य को किस्तों में प्रस्तुत करें .कुछ इंतज़ार भी कराएं।

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