24 फ़रवरी 2018

मिशन कक्षा में उपग्रह को लॉन्च करने में विफल रहा

1992  में डॉ सतीश  धवन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग में भारत सरकार के सचिव बने।

 पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम बताते हैं कि 1 9 7 9 में जब डॉ सतीश  धवन    उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (Satellite Launch Vehicle )के निदेशक थे, तो मिशन कक्षा में उपग्रह को लॉन्च करने में विफल रहा। उपग्रह  विफल होकर  बंगाल की खाड़ी में गिर  गया।  अब्दुल कलाम की टीम को पता था कि सिस्टम के ईंधन में रिसाव होता है, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि रिसाव नगण्य है, और उन्होंने सोचा कि सिस्टम में पर्याप्त ईंधन है। इस  गलत अनुमान  मिशन विफल हो गया था।

 सतीश धवन उस वक्त अध्यक्ष थे, उन्होने प्रेस में खुद जाकर कहा  "हम असफल रहे हैं, लेकिन मुझे, मेरी टीम पर बहुत अच्छा विश्वास है कि अगली बार हम निश्चित रूप से सफल होंगे"। इस पर अब्दुल कलाम को आश्चर्य हुआ कि इसरो के अध्यक्ष द्वारा विफलता की जिम्मेदारी ली गई थी।

  1990  के अगले मिशन  में  प्रक्षेपण सफल रहा । सफलता के इस क्षण में, सतीश धवन ने अब्दुल कलाम को  प्रेस की ब्रीफिंग के लिए भेजा , वो खुद नहीं गए।   जब टीम विफल रही, तो उसने दोष अपने ऊपर  लिया। लेकिन जब टीम सफल हुई तो उन्होंने सफलता के लिए  अपनी टीम को श्रेय दिया। यह लीडरशिप का अनुपम उदहारण है।


सतीश धवन 1984 तक इसरो के अध्यक्ष थे।

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