29 अप्रैल 2017

हनुमान जी ने मुझे गंभीर चोट से बचा लिया

श्रीमती उपाध्याय को चोट लगने की ख़बर मिली थी . आज उनके घर में जाकर कुशल क्षेम पूछा . परिवार के सभी सदस्यों से भी मुलाक़ात हुई . गरियाबंद क्षेत्र में बीस साल सेवा देने के बाद उनकी पोस्टिंग रायपुर के पास हुई है

 "अचानक गढ्डा देख कर बाइक को ब्रेक लगाना पड़ा . बाईक अनियंत्रित हो कर पलट गई और मैं ज़ोर से गिर पड़ी . मुझे कमर , सिर , आर बाजु में मामुली चोट आई . "

"डाक्टर को दिखा कर दवा ली और अब सात दिनों के बाद मैं बढ़िया हूँ . मैंने तो तीन दिन में ही काम में जाना शुरू कर दिया था "

"मेरा जहाँ एक्सिटेंड हुआ वही पर ही हनुमान जी का मंदिर था . गिरने के बाद मैंने तुरंत प्रणाम किया . हनुमान जी ने मुझे गंभीर चोट से बचा लिया "


बातचीत में श्रीमती उपाध्याय ने बहुत सी बातें बताई .