22 मार्च 2017

सर्वश्रेष्ठ लीडर नेतृत्व करते हूए काम करके दिखाते है

गुरुदेव स्वामी चिन्मय योगी 
बरसों पुरानी  बात है की इटली का एक व्यापारिक जहाज सैंट पायरे नामक बंदर गाह  पर  लंगर डाले खड़ा था की अचानक उस जहाज के कप्तान को दूर से ही ज्वालामुखी के मुख से लावा निकलता हुआ दिखाई दिया .उसने झट से निश्चय कर लिया की इस बंदर गाह  से माल का लदान किये बिना ही लंगर  खोल कर चल देना चाहिए .उसने अपने निश्चय के अनुरूप कुच करने  का आदेश दे दिया .सब  लोग उसके फैसले का विरोध करते रहे ,मगर उसने किसी की नहीं मानी और अपना जहाज रवाना कर दिया -और उसके रवाना होने के ठीक चोबीस घंटे बाद सैंट पिएरे में ऐतिहासिक भूकंप आया .पूरा बंदर गाह  नस्ट हो गया  . लेकिन तब तक वह जहाज बहुत दूर तक निकल चूका था . जहाज का कप्तान अगर अपने निश्चय पर अटल रहकर वहां से न ताल गया होता तो वह भी लपेटे में आ गया होता .
सर्वश्रेष्ठ लीडर नेतृत्व करते हूए काम  करके दिखाते  है 
गुरुदेव ने कहा की अध्यात्मिक जगत में भी कार्य करने के लिए विशेष कर संघ कार्य के लिए नेतृत्व क्षमता की जरुरत होती है .बोधिसत्व प्रकृति के संत सर्वश्रेष्ठ लीडर होते है और उनके प्रत्येक आचरण से सभी व्यक्ति यहाँ तक की पशु पक्षी भी प्रभावित होते है और धर्म की प्रेरणा लेते है .