16 अप्रैल 2017

विवेकानन्द का आदर्श थोड़े से शब्दों में कहा जा सकता है

विवेकानन्द कहते हैं,"मेरा आदर्श अवश्य ही थोड़े से शब्दों में कहा जा सकता है और वह है- मनुष्यजाति को उसके दिव्य स्वरुप का उपदेश देना तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उसे प्रकट करने का उपाय बताना। " (माई आइडियल, इन्डिड, कैन बी पुट इन्टु फ्यू वर्ड्स, ऐंड  दैट इज टु प्रीच अन्टू मैनकाइंड देयर डिविनिटी, एंड हाउ टु मेक इट मेनिफेस्ट इन एव्री मूवमेन्ट ऑफ़ लाइफ। ) 

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