10 जुलाई 2013

डांस आइटम

बहुत सारा वक्त काम काज में ही बीत जाता है ..................दर्द और हालत के मायने  समझते . इलाज के तरीकों में जिन दवाओं का इस्तेमाल होता है अब मै खुद भी उस फेहरिस्त में शामिल हो चूका हूँ .................
एक भाई को अपने एक साल का वादा कर दिया है ...........उनका एक प्रोग्राम करना है ....... हमको स्टेज के डांस आइटम सिखाने के लिये भाई को एक ऊँचे जमात की काली सीरत और सूरत की औरत ने एक डांस मास्टर की सिफारिश की है ...........अब हमारे दोस्तों में अपना  गिन्नी ही हमारा मास्टर है ......भाई को बहुत मशक्कत के बाद राज़ी कर पाया ....
प्रोग्राम की रिहर्सल में कई किरदार के एब्सेंट के बात हमारे लक्की ,तारा ,और नितिन ने अपने रोल में जान डाल  दी ...........समीर भाई को शामिल करके उनके भरोसे को कायम किया ..........गिन्नी तो लाजवाब था ही .मेरा काम उस धागे की तरह था जिस पर इस प्रोग्राम को पिरोना था ...
कुछ ऐसे भी लोग थे जिनको अपने पर इतना गुमान था की हमारे प्रोग्राम को लानत भेजने के लिये मिन्नतें कर रहे थे ...बू आ रही थी गिन्नी को .उसने कहा की नशा है मैने कहा कुछ जल रहा है ..
स्टेज पर प्रोग्राम का एक हिस्सा ही हो पाया ........इतने पर भी इसने महफ़िल लुट लिया .........
दो तिहाई हिस्से में तारा लक्की मेरा और समीर भाई का किरदार था ........


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