6 मार्च 2013

डायनामिक पब्लिक स्कूल के सम्मान समारोह में डॉ सत्यजित साहू जी का ऐतिहासिक भाषण

डायनामिक  पब्लिक स्कूल के सम्मान समारोह में डॉ सत्यजित साहू  जी का ऐतिहासिक भाषण 



मंच पर उपस्थित आदरणीय अतिथि गण , मंच पर उपथिति हमारे अपने विधायक रायपुर उत्तर के श्री कुलदीप जुनेजा जी  मौदहापारा वार्ड के माननीय पार्षद श्री अनीस अहमद जी ,हमारे बीच उपस्थिति रायपुर ग्रामीण कांग्रेस के महामंत्री श्री विकास दुबे जी जो  प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य भी है ,युवा नेता के रूप में आपनी छाप इस शहर में जिन्होने बनाई है ,मंच पर उपस्थित डॉ मनीष गुप्ता जी जो jci के राष्ट्रीय स्तर के ट्रेनर है और दांत के डॉक्टर भी है मंच पर उपस्थित हमारे शेख समीर भाई जो भारतीय स्काउट एंड गाइड के प्रदेश फाइनेंसियल कमेटी के सदस्य है और jci रायपुर राइस सिटी के प्रेसिडेंट है जिन्होने हॉकी में शहर का नाम किया है ,मंच पर उपस्थित हमारे हर दिल अजीज मित्र तारिक खान जी मंच पर बैठे हमारे हरदिल अजीज मित्र और कौमी एकता के प्रतिक श्री आदर्श जॉन जी ,डॉ  फरीद जी जो जाने माने फ़िज़ियोथेरेपिस्ट और लाइफ स्टाइल गुरु है ,मंच पर उपस्थित प्रदेश  मानिकपुरी युवा समाज के अध्यक्ष और युवक कांग्रेस के नेता समाजसेवी श्री सुमित दास जी  एवं आप सभी डायनामिक पुब्ल्लिक स्कूल और आर एन ए परिवार के सदस्य इस मौदहापारा के सम्मानीय महिलाये और नागरिक गण ,





आज मुझे कहा गया है की मै डायनामिक पब्लिक स्कूल और आर एन ए के संस्थापक आपके अपने हबीब सर के बारे में कुछ कहूं ,
मै इन दो लाइन से शुरू वात करना चाहूंगा 
अब तो हवाएं ही करेंगी रौशनी का फैसला ,
अब तो हवाएं ही करेंगी रौशनी का फैसला ,
जिस दिये में दम होगा वो बाकी रह जायेगा 
मित्रो ,विश्व में एक देश है जापान  जिसका आज से साठ साल पहले नामो निशान मिट गया था ,उस देश को उसके शत्रुओं ने धुल में मिला दिया था और सभी यह सोच बैठे थे की अब यह देश कभी उठ नहीं पायेगा पर उस देश ने अपने चालीस साल में इतनी तरक्की की कि वह विश्व में सबसे आगे के देश में शुमार हो गया , विश्व में तकनीक के क्षेत्र में सारी बड़ी खोज का श्रेय उसको है और आज वह जापान अमरीका को टक्कर दे रहा है।जापान की  तरक्की का कारण  क्या है ? वो है उस देश की अटूट इच्छाशक्ति ,उसके लोगों के परस्पर सहयोग की भावना ,उसका इरादा की नहीं रुकना नहीं है अपने आप को खड़ा करना है ,ठीक वैसे ही एक व्यक्ति के जीवन में भी हुआ आज से कुछ साल पहले हबीब सर की परिस्थितियां भी बहुत ही ख़राब थी पर उन्होने अपने हौसले से ,आपनी अटूट इच्छाशक्ति से ,आपने सहयोग की भावना से ,दिनरात की मेहनत से अपने आप को इतना सफल बनाया ,इतना खड़ा किया की आज हमसब उनके इस कार्यक्रम में सम्मानित होने  के लिये आये है .मै चाहता हूँ की आप सभी जोरदार तालियों से उनके इस हौसले की तारीफ करे ,आप सभी 
हबीब से मेरी पहचान पिछले 24 साल से है ,उन्होने सेंट पाल स्कूल की टीम को जो साठ साल में एक बार भी इंटर स्कूल ट्राफी नहीं जीत पायी थी मेरे मित्र यहाँ मंच पर बैठे है ये जानते है  उस टीम को साठ साल में पहली बार जीतने का हौसला भरने के मै चाहता हूँ की आप सभी जोरदार तालियों से उनके इस हौसले की तारीफ करे ,आप सभी 
 एक बार हमारे स्कूल के  तीन छात्रों ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में पर्थम स्थान प्राप्त किया पर प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने आगे भेजने के लिये पैसा देने से मना कर दिया बड़ी मुश्किल हुई मंच पर बैठे ,हमारे स्कूल के साथी जानते है , ऐसी मुश्किल परिस्थिति  में हबीब सर ने कहा ,आप पैसा नहीं देते कोई बात नहीं ,हम सभी छात्र एक एक दो दो रूपया इकट्ठा करके हमारे भाइयों के भेजेंगे ,इस हौसले के लिये ,मै चाहता हूँ की आप  जोरदार तालियों से उनकी  तारीफ करे इस हौसले के लिये 
पूरे रायपुर शहर में आपको गिनती के ही लोग मिल पायेंगे ज गणतंत्र दिवस पर हमारे शहर की ओर से राष्ट्रपति को आपनी सलामी देते है हमारे पूरे शहर का गणतंत्र दिवस परेड में नाम रौशन करने के लिए मै चाहता हूँ की आप  जोरदार तालियों से उनकी  तारीफ करे .

गणतंत्र दिवस कैंप में गॉड ऑफ़ ऑनर के लिये तत्कालीन मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिये और हमारे शहर और प्रदेश का नाम रौशन करने के लिये  मै चाहता हूँ की आप  जोरदार तालियों से उनकी  तारीफ करे .
आप सभी जानते है ,पार्षद महोदय गवाह है, आज से 12 साल पहले इस मुहल्ले में  शिक्षा के साथ साथ संस्कार भी डालने के इरादे के साथ की यहाँ डायनामिक पब्लिक स्कूल खोलने का हौसला किया ,इस इरादे के लिए मै चाहता हूँ की आप  जोरदार तालियों से उनकी  तारीफ करे। 
हजारों हजारों स्टूडेंट को अपने मोटिवेशन और इंग्लिश से प्रेरणा देने के लिये और उनकी जिंदगी बदल देने के लिये ,मै चाहता हूँ की आप  जोरदार तालियों से उनकी  तारीफ करे। 
बम्बई ,इन्दोर भोपाल इटारसी नागपुर में अपने  मोटिवेशन और स्किल से नाम कमाने और हमारा नाम रौशन करने के लिये मै चाहता हूँ की आप  जोरदार तालियों से उनकी  तारीफ करे। 








इनका नाम अब्बा जी और मांजी ने हबीब रखा है ,और मुझे हबीब का मतलब बताया गया है प्यारा दोस्त 
तो ये हबीब हैं  अपने मंजी और अब्बा जी के 
ये हबीब हैं अपने फुफ्फी चच्चा के 
ये हबीब हैं  अपने परिवार के 
 ये हबीब हैं  अपने  मुहल्ले के 
ये हबीब हैं  अपने मुहल्ले की गलियों के
 ये हबीब हैं अपने डायनामिक पब्लिक स्कूल के 
ये हबीब हैं आर एन ए के सभी स्टूडेंट के 
ये हबीब हैं  सभी सेंट पाल् के साथियों के
ये हबीब हैं  इस शहर के
हम सभी दोस्तों के ये हबीब हैं 
और इन हबीब को इस दुनिया में लाने के लिये मै इनके अब्बा जी और मांजी का शुक्रिया अदा 
करता हूँ 
इनके अब्बाजी यहाँ बैठे है मै उनको यहाँ मंच पर बुलाना चाहता हूँ और मै  दरखास्त करूँगा की मेरे दोस्तों की तरफ से तारिक खान जी से की  अब्बा जी का  पुष्प गुज्झ से स्वागत करें मै चाहता हूँ की आप   सभी जोरदार तालियों से उनकी  स्वागत करें आखिर माँ बाप ही हमको इस दुनिया में लाने का सबसे बड़ा कारण  है  









और अब हबीब सर रजा हो गये है 
रजा का मतलब होता है रब की इच्छा 
रज़ा हबीब अब रब की इच्छा बन गए है 
और जब अल्लाह की इच्छा ,जब ईश्वर की इच्छा ,जब मालिक की इच्छा ,भगवान की इच्छा हो जाती है तो उसे कोई नहीं बदल सकता 
रज़ा हबीब सर अब रब की इच्छा बन गये है रज़ा हबीब सर अब अल्लाह की इच्छा बन गये है की वो अपनी कामयाबी से और और लोगों की जिंदगी बदलें और अपने जीवन में आगे आगे और आगे जाएँ .हम सभी दुआं करते है की रज़ा हबीब सर अपने तमाम उम्र कामयाबी ,ख़ुशी और तरक्की के नये नये मुकाम हासिल करे  .
आपने इतनी देर तक मुझको सुना इसके लिये मै आप सभी का शुक्रिया अदा करता हूँ 

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