13 मार्च 2013

दलाई लामा का रायपुर आगमन

दलाई लामा का रायपुर आगमन


सेवाभावी चिकित्सक मित्र डॉ. सत्यजीत साहू- परम पावन दलाई लामा जी की वंदना करते...



तिब्बतियों के धर्मगुरू नोबल पुरस्कार से सम्मानित दलाई लामा तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ यात्रा पर आ रहे हैं। उनका मुख्य कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होना है। इसके अलावा वे बौद्ध सांस्कृतिक नगरीय सिरपुर का भ्रमण भी करेंगे। दलाई लामा का छत्तीसगढ़ आना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहली बात तो यह कि प्रदेश के उत्तरी हिस्से में मैनपाट व आसपास के क्षेत्रों में तिब्बती बौद्ध धर्मावलम्बियों का निवास है। छत्तीसगढ़ का बौद्ध धर्म के साथ प्राचीनकाल से रिश्ता रहा है। सिरपुर की खुदाई से बौद्ध धर्म से जुड़ी अनेक विहार, स्तूप और मूर्तियां प्राप्त हुई हंै। लंबे समय से सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दिलाने की कोशिश राज्य स्तर पर की जा रही है। दलाई लामा के सिरपुर आगमन को इस प्रक्रिया का एक हिस्सा के रूप में देखा जाना चाहिए। सातवीं शताब्दी ईसवी में चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग जब भारत की यात्रा पर आए थे, तब वे सिरपुर में भी कुछ दिन रहे। बौद्ध धर्मगुरू के सिरपुर आने से सिरपुर के बौद्ध धर्म के साथ संबंध को एक नया आयाम मिलेगा। दलाई लामा का सिरपुर के संबंध में वक्तव्य इस स्थान को बौद्ध धरोहर के मान्यता दिलाने में मदद भी करेगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के अनेक हिस्सों में दलित बौद्ध समुदाय की एक अच्छी आबादी निवासरत् है। उनकी आर्थिक-सामाजिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उनके लिए भी दलाई लामा का छत्तीसगढ़ प्रवास एक महत्वपूर्ण घटना होगी। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय अपेक्षाकृत देश का सबसे नए मीडिया संस्थाओं में से एक है। अभी इस संस्था की पहचान देशभर मेें नहीं बन पाई है। राज्य शासन ने शहर से दूर एक विस्तृत क्षेत्रफल पर विश्वविद्यालय का भव्य इमारत जरूर बनाकर दिया है, लेकिन अभी भी यहां से पढ़कर निकलने वाले छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर यह बताना पड़ता है कि कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय कहां है? विश्वविद्यालय प्रशासन समय-समय पर देश के नामचीन पत्रकारों और साहित्यकारों को बुलाकर इसकी पहचान बनाने की कोशिश में लगा है। दलाई लामा जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शख्सियत अगर किसी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आते हैं, तो इस संस्था की साख भी राष्ट्रीय स्तर में बनती है। [शशांक शर्मा देशबंधु ]

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