5 जून 2011

नया दिन आ रहा है. नये मनुष्य का दिन आ रहा है .





भगवान् श्री रजनीश ( ओशो )के
 अनमोल  पत्र
जो उन्होने स्वामी चिन्मय योगी( श्री रजत बोस )
 को लिखे थे 
फरवरी २७,१९८२

प्रिय चिन्मय योगी ,
                    प्रेम ,
आपका प्रेम भरा पत्र पाकर आनंद हुआ .उनकी करुणा आप पर बरस रही है .यह सुंदर है की आपने सब उनकी मर्जी पर छोड़ दिया है .

"नयी सुबह हो रही है .

नया दिन आ रहा है.

नये मनुष्य का दिन आ रहा है .

मै नये मनुष्य की घोषणा करता हूँ .

और तुम्हे बनना है वह नया मनुष्य .

तुम्हे होना है उस नये मनुष्य की पहली किरण .

तुम्हे उस नया मनुष्य को रूप देना है, आकृति देनी है, यथार्थ देना है .

वहां सभी को प्रेम .सानंद होंगे .

भगवान् श्री के आशीष 

माँ आनंद शीला 
भगवान् श्री की निजी सचिव