30 मई 2011

श्रद्धा से आप रीसेप्टीव बन जाते हो

तेज     है    आज   दर्दे- दिल        साकी
तल्खी -ए- मय  को   तेजतर   कर     दे .

२९ मई २०११ 
रविवार सत्संग 
आज जीतेंद्र उपाध्याय ,सूरज ,पिंकू ,गप्पू ,हेमंत ,बाबा और उसके दोस्त ,अनिल आये हुवे है .गुरुदेव के साथ वार्तालाप चल रहा है .
स्वामी आनंद चैतन्य (डाक्टर सत्यजीत ) जीतेंद्र और हेमंत 

आज जीतेंद्र उपाध्याय अपनी साधना और उपलब्धिओं के प्रतिक को लिख कर रखने वाली अपनी बोध वाणी  की डायरी ले कर आया है .


उसने सबको अपनी बोध चिंतन से भरी वाणी को अपने अंदाज में सुनाया .उसका कहना है की अपने उनीस साल के आध्यात्म की खोज से उसको ये निष्कर्ष प्राप्त हुवा है .

जीतेंद्र उपाध्याय 

अनिल अपनी रोचक बातों से गुरुदेव और सभी गुरुभाइयों का मनोरंजन कर रहा है .जिसको जिसको  जिस बातों में रूचि है उसका आस्वादन कर रहे है .

गुरुदेव स्वामी चिन्मय योगी ( श्री रजत बोस )एवं जीतेंद्र 

गुरुदेव बार बार सत्संग हाल की लाइट और स्विच को बंद करने की नसीहत भी बीच बीच में दे रहे है क्यूंकि गुरुभाइयों और मेरी आदत है की लाइट और स्विच चालू रखने की .गुरुदेव बिजली के बिल खुद भरने की बात बोलकर सबको यह अच्छी आदत डाल रहे है. उनका कहना है की वो आपना ए सी भी बहुत कम समय के लिये चलाते है और बाकि समय कूलर से काम चलाते है .


हेमंत सबकी बातों का मजा ले रहे है .
बाबा के दोस्त अपनी अंगुठी की प्राण प्रतिस्ठा गुरुदेव से करवा कर धारण कर लिया .
बाबा नये है इसलिये सबकी बातों का मज़ा ले रहे है .
आज भी सूरज ने भोजन बनाने का जिम्मा लेकर सारा कम बहुत ही सलीके से कर लिया है .
सामूहिक भोजन का आनंद 
अनुराग भैया भी आकर हमारी बातचीत में सम्मिलित हो गये है .
आज गुरुदेव से       ज्योतिष के प्रसंग पर चर्चा चली तो उन्होने कहा   " तुम लोग हवन को सदैव जारी रखना.फल प्राप्ति के लिये इससे बड़ा और कोई तरीका नहीं है .

रत्न मंत्र और गुरु इस्ट के प्रर्ति समर्पण से ही काम बनता है .ज्योतिष की उपयोगिता मात्र इतनी है की आप को यह सब करने के लिये प्रेरित  करता है. 

दिव्य सत्संग 
ज्योतिष के सभी आयामों को देख कर जटिलताएं बढ़ाने का व्यावहारिक उपयोग कुछ नहीं है .

ज्योतिष का सार यह है की आप लग्नेश ,पंचमेश ,और भाग्येश का रत्न धारण कर उसका मन्त्र जाप करते रहो .
पत्रिका की विसोंत्तरी दशा के लग्नेश पंचमेश और भाग्येश की दशा को टिक कर दो की यह आपके लिये अनुकूल समय होगा और बाकि अकारक ग्रह की दशा प्रतिकूल समय को बतायेंगी .

आप उपाय  को करो तो बहुत सारी बाधा अनजाने में है कट जाएँगी .
सही जगह दान करने से भी आपकी बहुत सारी खर्च होनी की संभावना कम हो जाएगी .

यहाँ तुम लोग इतनी समय से यह सब उपाय  कर रहे हो ,तो तुम ही विश्लेषण करो की यह सब नहीं करते थे तब और अब में तुमको अपने जीवन में क्या फर्क पड़ा है ?

मेरे ख्याल से सभी को फाएदा ही हुवा है .अनजानी बाधाओं से तुमको जो बचाव हुवा है उसका तो कोई प्रमाण नहीं दे सकता पर अपने लाभ हानी की प्रतीति तो स्वयं तुमको पता चलती ही है .

 गुरुदेव के साथ पिंकू ,गप्पू जीतेंद्र और सत्तू 
गुरु शिष्य संबंधों  पर चर्चा में   गुरुदेव ने कहा " अगर आपको गुरु पर  शक हो रहा है तो तुमने गुरु वस्तुतः बनाया ही नहीं .जब सदगुरु के शरण में आये हो और शक कर रहे हो तो तुम अपने ऊपर सदगुरु के आशीष की वर्षा को रोक देते हो .इसका मतलब तुम्हारा अभी शिष्य बनाने का कार्य नहीं हुवा है .
श्रद्धा से क्या फर्क पड़ता है . श्रद्धा से आप रीसेप्टीव बन जाते हो .  श्रद्धा से मन्त्र जाप करो ,पूजा हवन करो ,गुरुभक्ति करो तो श्रद्धा आपकी मन स्थिति और शरीर की नाडियों में ऐसा परिवर्तन कर देते है की आप उच्चतर शक्तियों की ऊर्जा को अपने अन्दर समाहित कर सकते हो .यही ऊर्जा आपके अंदर रूपांतरण कर देता है और आपका जीवन पहले की अपेक्षा जादा भाग्यशाली हो जाता है ."
अमित आज नहीं आया है .उसके नौकरी और मन स्थिति के बाबत भी सब लोग चर्चा कर रहे है .लगातार आने वाले अमित के नहीं  आने  से यह स्वाभाविक ही है .उसने फ़ोन पर कहा है की उसके डीपो में जरुरी काम के कारन वह वहीँ फंसा हुवा है. आइसक्रीम कंपनी में गर्मी का समय सीजन का समय होता है .

फैज    तकमीले   आरजू     मालूम 
हो सके   तो यूँ   ही  बसर  कर     दे