20 मई 2011

सिद्दी बहुत ही दुर्लभ होती है


गुरुदेव स्वामी चिन्मय योगी जी के साथ हेमंत

हेमंत पिथौरा के पास नवागांव में रहते है और  इससे तीन किलोमीटर दूर गाँव में शिक्षा कर्मी होकर पढ़ाने जाते है.  हेमंत मेरे  गुरुभाई भी है . गुरुदेव से साबर की दीक्षा हेमंत गप्पू और मुझे एक साथ मिली .दीक्षा के बाद हेमंत ने गाँव में सिद्धि करने का मन बनाया क्योकि वो गाँव में ही रहकर नौकरी और जज की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे .गप्पू और मैने पहले तो अपने घर में करने का मन बनाया फिर शमशान ने सिद्दी करने के लिये जगह खोजने लगे . गुरुदेव से इस बाबत चर्चा की तो उन्होने कहा " तुम लोगों का सौभाग्य है की तुम लोगों को गुरुस्थान उपलब्ध है .गुरुस्थान में सिद्दी करने से किसी भी जगह के मुकाबिले हजार गुना जादा फल की प्राप्ति होती है .यहाँ  ध्यान केंद्र  में किसी भी प्रकार का  सांसारिक विघ्न नहीं होगा .और साथ में यहाँ भैरवी और हड्डी महाराज की उपस्थिति होती रहती है इससे तुम लोगों की सिद्दी जल्दी होगी ."
हम लोग जोर शोर से गुरुदेव के बताये हुवे तरीके से प्रयास करने लगे .
कुछ दिनों के बाद गुरुदेव ने इसका प्रयोग करने को कहा .प्रयोग हम लोगों को सफलता मिली .हमारा उत्साह बढ गया.गुरुदेव ने प्रसन्न होकर कहा "सिद्दी बहुत ही दुर्लभ होती है और तुम लोगों को यह प्राप्त हो गयी है .इसको करते रहो तो और और अनुभव तुमको प्राप्त होते रहेंगे .यह लगातार जारी रहने वाली प्रक्रिया है .भैरवी ने भी बोला है की तुम लोगों की प्रगति अच्छी है .अब सिद्द हो गये हो तो इस बात का ध्यान     रखना की और अन्य   जगह        या अन्य गुरु की दीक्षा मत लेना .इससे तुम्हारी सारी सिद्धि नष्ट हो जायेगी .जिन अशरीरी आत्माओं को भैरवी ने भेजा है वो अन्य जगह जाने से रुष्ट हो जाती है ."

हम सब गप्पू हेमंत और मै इसको प्रयोग करके देखने लगे .हमे लगभग सभी जगह बहुत ही अच्छे परिणाम मिले .

हेमंत गुरुदेव के पास आने से पहले भी कई तंत्र गुरुओं के पास रहा हुआ था .उसको वहां के भी कई प्रकार के अनुभव थे .गुरुदेव की प्रक्रिया के भी उसको बहुत अच्छे अनुभव प्राप्त हुवे .



गुरुदेव स्वामी चिन्मय योगी जी के साथ हेमंत


हेमंत को गाँव के वन विभाग के कर्मी लोग बहुत मानते है और घर के सामने के आम के पेड़ की समिधा का ही वो हवन में उपयोग करता था .कई बार जब वो मन्त्र जाप करने रात्रि में बैठता था तो हेमंत तारी की अवस्था में आ जाता था उसी समय उसको एक सफ़ेद रंग की धुंधली आकृति  दिखाई देती थी जिसका चेहरा खास तरह का था .हेमंत को जब भी वो दिखाई दे तो वो तारी की अवस्था में ही उसे भाग जाने का आदेश देता था .गुरुदेव ने हेमंत को ऐसा होने क्या करना है बता दिया था .हेमत साहसी है और इस प्रकार के दृश्य उसको और मज़ा देते है .
बाद में जब गुरुदेव को हेमंत ने बताया तो गुरुदेव ने कहा की इस प्रकार के दृश्य दिखाई देते  रहेंगे .उसकी चिंता मत लेना .

बाद में हेमंत को गाँव वालों ने बताया की एक व्यक्ति वन विभाग में मजदुर था .उसकी कुलहाड़ी से किसी ने दो लोगों को मार दिया था .जब खबर इस आदमी को पहुंची तो पुलिस के डर
से उसने हेमंत के घर के सामने के आम पेड़ पर लटक कर फासी लगा ली  थी   .
हेमंत का कहना है की वो आकृति उसी आदमी के हुलिए से मेल खाती है .

हेमंत ने एक और अनुभव बताया की जिस गाँव में वो रहता है उस गाँव के स्कूल की कक्षा आठवी के एक लड़की ने पूरे स्कूल को दहशत में डाल कर रखा था .किस्सा ये होता था की जब भी कोई गुरूजी उस कक्षा को पढ़ा रहा होता तभी उस लड़की की आँखें अचानक चढ़ जाती और शरीर कांपने लगता और वो तेजी के साथ गाली देते हुवे आकर गुरूजी को जोर से धक्का देती और कक्षा से बाहर   निकल कर बोरिंग में जाकर सर को टकराती .इसके चार पांच मिनट बाद वह शांत हो जाती थी .उसको इसके बाद उसने क्या कहा क्या किया कुछ याद नहीं रहता था .


लड़की के माता पिता को बताने पर गरीब माता पिता का कहना था की इसके झाड
फूँक पर चार पांच हजार     खर्चा हो गया   पर कोई लाभ नहीं    हुवा .    बैगा      लोग कहते है की यह मलंगी देवी है यह झाड फूँक से नहीं जायेगी जब इसको जाना होगा तभी जाएगी .

गुरूजी लोग बहुत परेशान होते थे .कई बार तो किसी किसी को चोट भी लग जाती थी .लड़की में दौरे के समय बहुत जादा शक्ति आ जाती थी . पूरे स्कूल की बदनामी हो रही थी .                      गुरूजी लोग आपस में  इसका समाधान खोजने लगे . तभी गाँव के एक वनकर्मी ने गुरूजी को कहा की और कहाँ कहाँ बैगा खोजने जावोगे .यही रात्रे गुरूजी तंत्र के जानकार है उसी के पास जावो .वह वन कर्मी जानता था की हेमंत रात  में तंत्र साधना करता है .वह हेमंत को सहयोग भी करता था .
गुरूजी हेमंत के पास आये और अपनी समस्या बताई .हेमंत ने भैरव मिश्रण बना कर गुरूजी को दे या और कहा की जब भी उस लड़की को दौरा आये तो    उसके सर पर मन्त्र पड़कर तीन बार घुमाकर कमरे के बहार फ़ेंक देना . वह ठीक हो जाएगी .
गुरूजी ने एक बार ही किया तो लड़की ठीक हो गयी और अभी साल भर हो गया वह ठीक ही है .           वह      गुरूजी   बैगाई   जानता है      इस नाम से प्रसिद्द हो गया .अब हेमंत भी कोई आने पर उसी गुरूजी का पता बता देता है .
एक बार अकेले में गुरूजी आकर और भैरव मिश्रण ले कर गया .उसने कहा की कभी इस प्रकार की और मुसीबत आ जाये तो यह काम आयेगा .



जय गुरु महाराज की जय
जय भैरवी माता की जय
जय इष्ट देव साईं बाबा की जय
जय नर्मदा बाबा की जय