3 मई 2011

फिर इतना शोर क्यूँ मचा है भाई ?

अध्यात्म की बातों का क्या व्यवहारिक उपयोग है ?


यह आपको रोजी रोटी नहीं दे सकता .
आपको किसी प्रकार की परीक्षा में नम्बर नहीं बढ़ा सकता .
आपकी शादी नहीं करा सकता .
आपके बच्चों की प्रगति के लिये अच्छे स्कूल का इंतजाम नहीं कर सकता .
आपको पैसे नहीं दिला सकता .आपको रोजगार नौकरी नहीं दे सकता .


तो  फिर अध्यात्म की इतनी महिमा से गुड़गान क्यों करना ?


और अध्यात्मिक साहित्य पढ़कर किसी प्रकार की समाधी की लालसा में लगे लोग क्या वास्तव में इस स्थिति  में है की उन्हे बाकि भौतिक वस्तुवों की जरुरत ही नहीं है.


मेरी नजर में अधिकांश लोग तो ढोंग कर रहे है .
बाकि बहुत सारे लोग  अध्यात्म के नाम पर दुकान चला रहे है 


फिर इतना शोर क्यूँ मचा है भाई ?