18 मई 2011

रिनी का जन्म दिन

यह पोस्ट किसी कारण से ब्लॉग पर नहीं दीख रही है इसलिये दुबारा पोस्ट कर रहा हूँ 
रिनी 

रिनी 


रिनी 

रिनी 

गुरुदेव के साथ अमित 
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१० मई को अमित और राशी की बच्ची रिनी का जन्म दिन मनाया गया .उसके घर में यह रिनी के जन्म के बाद से सबसे बड़ा  उत्सव हुआ .राशी के भाई और पिताजी भी आये हुवे है .उसने सभी रिश्तेदारों को और खास परिचितों को भोज पर निमंत्रित किया है .


नीरव रजनीश ध्यान केंद्र के भी सभी सदस्यों  को  भी निमंत्रित किया गया है .सभी लोग उत्साह से इस कार्यक्रम में शामिल हुवे है .
इस अवसर पर रिनी के पैदा होने की बात गुरुदेव राशी और अमित के साथ कर रहे है .

विवाह के बाद जब अमित और राशी की पत्रिका में  संतान योग को देखा गया तो यह लगभग असंभव ही दिख  रहा था .तभी एक बार राशी का गर्भ  ठहर गया .बाद में जब बच्चे का विकास रुक गया तो   डाक्टर विनया अग्निहोत्री ने भी राशी को अबोर्सन करने की सलाह दी और कुछ समय बाद आकर दिखाने  को कहा .
इसी बीच गुरुदेव ने अपनी विशेष शक्ति से बच्चे  के लिये प्रार्थना करना शुरू कर की  .अगली  बार राशी जब डाक्टर के पास गयी तो बच्चे का विकास बराबर हो रहा था .गुरुदेव ने अपनी प्रार्थना लगातार आठ महीने तक जारी राखी और अंत में  जाकर  रिनी का जन्म गुरुदेव की कृपा और डाक्टर के सहयोग से  सकुशल संपन्न हुआ .



अमित ने बातचीत में कहा " स्वामीजी आपकी विशेष कृपा के बिना हमारे घर में यह महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो पाता " 
"हाँ और विशेष प्रयास के बिना तुम्हारी बहन की शादी होना भी मुश्किल थी "गुरुदेव ने कहा .
"जी गुरुदेव हमारे तो सारे प्रयास विफल हो गये थे पर जब आपने विशेष प्रार्थना की तभी आपके बताये समय पर ही बहन का विवाह संपन्न हुआ ." अमित ने कहा .
रिनी के कार्यक्रम में गुरुदेव के साथ सभी गुरुभाइयों ने जाकर भोज का आनंद लिया 
गुरुदेव की कृपा शिष्य के समर्पण  पर  निरभर करती  है . समर्पित शिष्य के प्रति गुरु भी अनन्य भाव से कृपा करते है .
इन सब घटना क्रम के साक्षी होकर हम बाकि गुरुभाइयों ने भी गुरुकृपा के महत्त्व को समझा .



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