5 जून 2010

को नहीं जानत है जग में प्रभु संकटमोचन नाम तिहारो

मै  जैसे ही ध्यान केंद्र के अंदर   गया   अंदर गुरुदेव की बातें कान में पड़ी .  गुरुदेव अनिल से से बातें कर रहे थे .
गुरुदेव "सूर्य से तेजस्वी और प्रतापी  इस  जगत में और कोई नहीं है .सारे ग्रह नक्षत्र उसके चारों ओर चक्कर लगाते है .सूर्य की महिमा उसकी तेजस्विता में है .पूरा जगत उसके अलोक से आलोकित है .जीवन के आधारभूत शक्तियां सूर्य के आश्रित है ."

"स्वामी जी क्या सूर्य से भी शक्तिशाली कोई हुआ ही .? "

" एक अंजनी पुत्र हनुमान पैदा हुए.  बचपन में सभी बच्चों की तरह वो  शैतानी करने लगे .बाल हनुमान ने धीरे धीरे शरारत के सारे कीर्तिमान भंग कर दिए तब जाकर उन्हे और एक शैतानी सूझी .उनको रोज सुबह एक लाल गोला दिखता था और सोचते थे की ये बाल जैसा दिखने   वाला  आखिर क्या है .अब बाल हनुमान तो बच्चे  ठहरे जाकर उस लाल गोले को ही निगल लिया .सारे जगत में हाहाकार मच गया ."

सबने बड़ा आनंद लिया .गुरुदेव आगे बता रहे है.

"जैसे तैसे बच्चे की शरारत को मनाया गया .तब  जाकर सूर्य अपनी जान बचा पाए .बाल हनुमान की चर्चा सारे जगत में हो गई ."

"ये तो बच्चे  के रूप में रिकार्ड धारी   हो गए "अनिल बोला .

"लेकिन ये जगत के लिए बड़ी समस्या थी ,बाल हनुमान बच्चे थे और बाल सुलभ शैतानी का भाव उनमे प्रबल था और गंभीरता नहीं थी .अब बाल स्वरुप में गंभीरता के अपेक्षा भी  नहीं थी ."

"सारे बड़े लोगों के मन में बड़ी चिंता हुई की इस बच्चे की इतनी शक्ति है और यह इश्वर की लीला का अंश है पर अभी बाल स्वरुप में इतना बड़ा कांड और ना कर दे "

कांड की बात सुनकर अपने बचपन की याद करके सभी मुस्कुरा दिए


"सारे ऋषि मुनि तपस्वी ज्ञानी देवता सभी लोगों की मीटिंग बुलाई गई .सबसे इस समस्या का निदान पुछा गया .बहुत विचार विमर्श के बाद एक उपाय निकला  गया. उपाय यह था की जब तक हनुमान बड़े नहीं हो जाते और इनको इनकी शक्ति  की इश्वर लीला के लिए आवश्यकता नहीं पड़ जाती तब तक इनको इनकी शक्तियां विस्मृत करा दी जाएँ .और इनमे यह शक्ति तभी जगे जब इनको यह याद दिलाया जाय की आप बहुत शक्तिशाली हो .  "

गुरुदेव ने आगे कहा " इसीलिए हनुमन जी की आप  पूजा करते हो तो, जब तक आप उनको उनकी शक्तियां याद नहीं दिलाते तब तक आपको लाभ नहीं मिलता .इसलिए तो बोला जाता है  को नहीं जानत है जग में प्रभु संकटमोचन नाम तिहारो , इसीलिए मन्त्र और चालीसा में भी उनको उनकी शक्ति का याद दिलाया जाता है ,दीनदयाल विरद सम भरी हरहु नाथ मम संकट सारी . साथ ही साथ हनुमान जी के इस्ट श्री राम की पूजा करने से पूजा का फल जल्दी और जायदा मिलता है .        प्रभु श्री राम का आश्रीवाद  है की हनुमान शाश्वत रहेंगे और अपने भक्तों के कष्ट को दूर करेंगे ."

गुरुदेव की बातों से लगा की हमारी संस्कृति और धर्म में कितने सुंदर आख्यान है जो जीवन के सभी पहलु पर इतना गहरा असर डालते है .

पहले  मुझे लगता था की ये कहानी है .

अब लगता है की ये सत्य से भी बढकर है .

और ये भक्ति की भावधारा कितनी सुंदर एवं दिव्य है .

जय गुरु महाराज की जय, जय भैरवी माता की जय