15 मई 2010

परीक्षा के तनाव के कारण



मेरे मामा जी जिनका मै पारिवारिक डाक्टर भी हूँ का सुपुत्र वेणु पिछले ३ सालों से परीक्षा के समय तनाव ग्रस्त हो जाता था . उसको मामाजी के मित्र ,वेणु के टीचर ,तमाम पारिवारिक गुरुजन , मनोचिकित्सक , कौंसलर इत्यादि सब कई बार समझा चुके थे .


मै स्वयं उसे कई बार समझा चूका था . अंतिम में जब अप्रैल २०१० के परीक्षा के बारी आने वाली थी तो मामा जी ने कहा भी की अगर यह इंजीनियरिंग की पढाई छोड़ कर दूसरा कुछ कर ले तो भी मै तैयार हूँ .

इस प्रकार की स्थिति में मैंने वेणु को बहुत प्रकार से समझा कर तनाव कम करने की एलोपैथी दवा दे कर कहा की आप तनाव को स्वीकार करके इसको कम करने के लिए इस दवा का सेवन करो .आप परीक्षा बढ़िया तरीके से दिला पावोगे . साथ ही में अगर आत्म शक्ति बढाने के लिए मंत्र जाप कर सको तो और अच्छा रहेगा .

आज ही वेणु क्लिनिक आया था . आज १५ मई तक उसके सारे पेपर हो चुके है और पूरी परीक्षा के दौरान उसे पिछले परीक्षा के तरह अति तनाव और निराशा नहीं हुई . वेणु ने कहा की मै अब पुराने बचे हुए पेपर को भी पास कर लूँगा .

दवा के बारे में फालो अप में मैंने आगे और दवा जारी रखी.

वेणु ने हँसते हुवे कहा " भईया मै जान गया हूँ की जिसको भी निराशा और तनाव हो उसको दवा खाने से चमत्कारिक लाभ होता है और अगर मै शुरू से दवा लेते रहता तो मेरा इतना पेपर बैक नहीं होता ." मैंने कहा की मेरे गुरुदेव कहते हैं "मेडिसिन की प्रक्टिस व्हाइट मैजिक है "