28 मई 2010

जीवन में अप्रत्याशित की तैयारी रखो

कल गुरुवार  २७ मई को पिंकी का जन्म दिन था .पिंकी( गप्पू की पत्नी) और सोनू ( मेरी पत्नी) ने मिलकर पार्टी का आयोजन ध्यान केंद्र  ने किया था .पिंकी रायता ,छोले ,और पूडी बनाकर लायी और सोनू पुलाव बनाकर ले गई थी .
पिंकी ने केक काटा. सबने मजेदार भोजन का आनंद लिया .पिंकी और सोनू स्वामीजी से मिलकर प्रसन्न है .पिंकी तो जन्मदिन होने के कारण और आनंद में है .बच्चे लोग भी खेल रहे है .रात होने पर  दोनों  वापस घर चले  आये.


इन दोनों में जब से स्वामी जी से दीक्षा लिए   हैं  अभूत पूर्व परिवर्तन आ गया है .जीवन के सभी  आयामों में इनके  सकारात्मक    फर्क पड़ गया है
.मेरी पत्नी को मै बहुत अच्छे से समझ पता हूँ इसलिए यह फर्क क्लियर दीखाई पड़ता है
.पिंकी में भी फर्क गप्पू के अलावा हम लोगों ने भी महसूस किया है .
गुरुदेव से हमने पुछा की इन उज्जड स्त्रियों में इतना सकारात्मक परिवर्तन कैसे आ गया .
"तुम लोगों की जीवन की बहुत बड़ी समस्या तो तुम्हारी पत्नियाँ थी .इसलिए जब तुम लोगों में आध्यत्मिक फर्क आना शुरू हुवा तो पत्नियों का भी सुधार तुम्हारे जीवन के लिए जरुरी हो गया था .इसलिए मैंने उन पर  ध्यान   दिया .यही सबसे मूल कारण था."
"तुम लोगों से मेरे बारे में सुन कर और तुम्हारे व्यक्तित्व में सुधार देखकर  उन लोग भी इस मार्ग  में आने को उत्सुक थे .गुरुदेव के बारे में जानने और अपना भी लाभ लेने की उनमे आकांक्षा जागी. यह दोनों राशी (अमित की पत्नी ) का मेरे प्रति अहोभाव की उसका जीवन बदल गया है देखते थे तो और उनको जिज्ञासा हो गई .सबसे पहले तो पिंकी और सोनू दोनों के भाइयों का कल्याण हुवा तो उनको लगा की हाँ, स्वामी जी के कारण उनको लाभ हो रहा है "
".स्त्रियाँ बहुत व्यवहारिक होती है इसलिए उनको पता भी जल्दी  लग गया."
"धीरे धीरे पिंकी सोनू ने अपने कल्याण के लिए भी प्रयास किया और मेरे सुझाव के अनुसार स्वयं में बदलाव लाना शुरू किया .इसका उनको अच्छा परिणाम मिला .उनको लगा की स्वामी जी हम लोगों के अति शुभ चिन्तक मित्र है .इस प्रकार उनके मन में मेरे प्रति आस्था का जन्म हुवा .आस्था होने से ,ज्योतिष के रत्न पहनने से ,मन्त्र करने से, उनमे यह गुणात्मक परिवर्तन आ गया .पिंकी में यह जल्दी आ गया क्यूंकि वो सहज सरल है और सोनू में थोडा टाइम लगा .सोनू थोड़ी चालबाज़ है इसीलिए . " गुरुदेव ने कहा .
"हाँ स्वामी जी सोनू की आँखों में आपके प्रति आस्था और प्रेम के कारण  कृपा को महसूस करके आंसु आ जाते है " मैंने कहा .

इसके बाद दूसरी बात होने लगी .गप्पू और पिंकू दोनों गुरुदेव की मालिश करने लगे .
गप्पू को  उसको उसकी कम्पनी २२ दिन के ट्रेनिंग में गुजरात भेज रही है वो इतने दिनों तक गुरुदेव और ध्यान केंद्र से दूर रहने के ख्याल से उसको बहुत पीड़ा हो रही है .इसी बात को लेकर कम्पनी के सिनीयर अधिकारी से बहस भी हो गयी .
"स्वामीजी मै बहुत दुखी और मजबूर हो कर जाने का मन बना पाया हूँ ." गप्पू ने कहा .
स्वामी जी ने कहा "मै इतना जीवन बिता चूका हूँ की तुम्हारी समस्या कुछ है ही नहीं . इससे कई बड़ी समस्या जीवन में आ सकती है .कम्पनी तुम्हारा ट्रांसफर भी कर सकती है .इससे अच्छा तो यह है की २२ दिन बिता कर आ जावो . जीवन में यह तैयारी रखो की जो भी अप्रत्याशित जब भी आये उसका सामना मजबूती से कर सको .मन को कमजोर करने से की दुख होगा.ऐसे  जीवन नहीं चलने वाला .मैंने जीवन की सभी छोटी बड़ी समस्या को इसी  मजबूती से झेला है .तुम लोग भी अपने आपको इसी प्रकार तैयार करो .यह क्यों सोचकर चलते हो की समस्या नहीं आयेगी .जीवन है तो जीवन में यह सब तो होगा ही .भविष्य में और भी अप्रत्याशित आ सकता है इसलिए मन की मजबूती की आवश्यकता है की जो भी सामने आएगा उसका सामना करना है "

और रात होने पर  गुरुवार की पूजा की तैयारी कर के साईं बाबा और नर्मदा बाबा की पूजा हुई  और सब ने प्रसाद लिया .स्वामीजी ने मुझको और पिंकू दोनों को मोटापा कम करने के लिए भोजन में संयम की बात भी कही .

जय गुरु महाराज की जय .जय इस्ट देव साईं बाबा की जय

5 टिप्‍पणियां:

  1. kisi guru pooja kerne se koi labh nhi hota ......kyoki guru bhagwan nhi hota

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  2. guru mantr aur isth puja ka laabh aur hani dono hi bhakt aur shishy ko hi pata hota hai...........
    yah bhav ki baat hai...........
    jaise ramkrishn ko kali dhikti thi vaise hi sai bhakton ko bhi unka pratap dhikta hai..............

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  3. ...प्रभावशाली अभिव्यक्ति !!!

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