21 मई 2010

गृहस्थों को कम से कम पांच देवी देवताओं की पूजा और मन्त्र जाप करना चाहिए


कल गुरुवार को सत्संग में गुरुदेव के साथ मै ,अतुल ,पिंकू सिर्फ तीन ही लोग थे .हम लोग रात में थोडा देर से ध्यान केंद्र पहुचे .सभी का वर्किंग डे  होने के कारण सभी कम निपटा कर फ्री होने में थोडा जायदा समय लग जाता है .हम लोग पंहुचे तब तक रात के 11  बज चुके थे .

गुरुदेव के आने पर प्रणाम करके हम बैठे .पिंकू को दुध लेने के लिए अतुल भैया बोल चुके थे .दुध आने पर चाय का इंतजाम हो गया .चाय के साथ सत्संग, वार्तालाप भी चलने लगा .अतुल ने कहा " स्वामी जी, मै हर गुरुवार को साईं मंदिर गोल चौक रोहिणीपुरम जाता हूँ और अब  मुझको साईं बाबा बुलाते है और अपनी उपस्थिति और कृपा  का एहसास कराते है ऐसा लगता है ."

 गुरुदेव ने कहा "बिलकुल सही है .मुझको भी साईं बाबा के कृपा का एहसास होता है .मै बाबा को अपना इस्टदेव  बनाने के लिए बोलता हूँ .इस्ट वो होता है जो आपकी सभी समस्या को हल करने में आपकी मदद करे .बाबा को मै जब जब अपनी समस्या रखा हूँ उन्होंने हर बार मेरी मदद की है .
मै बाबा की भक्ति में ,अहोभाव में ,हमेशा रहता हूँ.आज बाबा की कृपा से मुझे और मेरे  बेटे  समेत  पुरे  परिवार का जीना खाना मज़े से चल रहा है .अगर बाबा की कृपा नहीं रहती तो मेरे बेटे और मुझे बहुत बड़ी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता ."

 इसके बाद गुरुदेव ने विस्तार से बाबा की कृपा को बताया .

"तुम लोगों को मै इतना बाबा के बारे में बार बार बता कर तुहारे अंतर  में बाबा के प्रति आस्था जगा देना चाहता हूँ ताकि जो लाभ मुझे मिला है वो तुमको भी मिले "  गुरुदेव ने कहा .

आगे मंत्रजाप की बात चलने लगी .अतुल ने कहा " मंत्र जाप से मुझे  बहुत लाभ हुवा  है ."
गुरुदेव बोले "हाँ ,मंत्र जाप से लाभ होता ही है ."
"जो व्यक्ति घर बार छोड़ कर बिना परिवार के सन्यासी की तरह रहता है उसे मात्र चैतन्यता प्राप्त करने के लिए इस्ट देव का ही मंत्र जाप पर्याप्त है .पर जो गृहस्थ  है ,घर परिवार है उनको कम से कम पांच देवताओं का मन्त्र जाप करना चाहिए "
मैंने कहा "मै तो कई सारे मन्त्र का जाप करता हूँ "
गुरुदेव ने कहा "हाँ मैंने ही तुम्हे इसकी प्रेरणा दी है .गृहस्थ को धन ,सुरक्षा ,सौभाग्य ,पारिवारिक ,सामाजिक ,आर्थिक ,शारीरिक सभी चाहिए इसलिए उनको जायदा मन्त्र और देवी देवताओं की पूजा करनी चाहिए .मै तुमको यह बात विशेषकर बता रहा हूँ क्यूंकि यह कई लोगों को मालूम नहीं है ."
गृहस्थों को कम से कम पांच देवी देवताओं की पूजा और मन्त्र जाप करना चाहिए इस सबक को मेरे मन ने गुरु और भैरवी माता को प्रणाम करके याद कर लिया .
"स्वामी जी गुरुवार की पूजा कर लें ?" मैंने आज्ञा  ली
"हां कर लेतें है "
गुरुवार को  ध्यान केंद्र में रात को हम लोग साईं बाबा और नर्मदा बाबा की पूजा और मन्त्र जाप  करते है .यह पिछले डेढ़ साल से निरंतर चल रहा है
पूजा करके प्रसाद लिया .समय रात के 2 :30  हो रहा था .
गुरुदेव बोले "इतनी रात को पूजा अघोर साधक और तांत्रिक ही करते है ."
"तुम लोग अब तांत्रिक  जैसे ही रात को जाप करते हो .इस पद्धति में लाभ जायदा मिलता है " 
3 बजे के करीब हम लोगों ने गुरुदेव को प्रणाम करके विदा ली .
जय गुरु महाराज की जय जय भैरवी माता की जय

2 टिप्‍पणियां: