18 मई 2010

नक्सलियों ने ४४ लोगों की हत्या की, दंतेवाडा में यात्री बस उडाया



मेरे देश में अशांति लानें वालों ,

यहाँ की जमीं को  खुनी रंग से संगने वालों ,

इंसानों की इस बेरहमी से जन लेने वालों ,

कातिल ,हत्यारे ,जालिम हो  हो तुम ,

 तुम्हारा अंत अब नजदीक ही है ,

इस तरह से तुमने जनता और जवानों का क़त्ल किया है ,

की क़त्ल ही तुमसे अब अपना हिसाब लेगा ,

अवाम की ताकत को तुमने पहचना नहीं है ,

इस धरती की नियत को जाना नहीं है ,

इस धरती को अब उठकर खड़ा होना होगा,

जम्हूरियत को ही अब तुम्हारा हिसाब करना होगा,

अपराधियों ,हत्यारे नक्सलियों ,

तुम्हारा अंत अब निकट ही है  .

भारत माता की जय


श्री गुरुपद चरण सरोज रज

4 टिप्‍पणियां:

  1. अफ़सोस जनक

    पता नहीं कब तक निर्दोषों के खून से होली खेली जाती रहेगी।

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  2. "अपराधियों ,हत्यारे नक्सलियों ,
    तुम्हारा अंत अब निकट ही है ."

    yahi soch rahe hai ji ham bhi...

    kunwar ji,

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  3. अपराधियों ,हत्यारे नक्सलियों ,

    तुम्हारा अंत अब निकट ही है .

    भारत माता की जय ......अफ़सोस.

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