1 अप्रैल 2010

मंत्र जाप प्रारंभिक बातें


मंत्र जाप को नए साधक को उच्चारण करके यानि बोलकर जाप करना चाहिए .
इसका सिद्दांत है की भौतिक लाभ के लिए वाचिक जाप और आध्यात्मिक  लाभ के लिए मानसिक जाप करना चाहिए . अब हम सांसारिक लोगों को वाचिक जाप ही फायेदा देगा .
एक मन्त्र की एक माला प्रतिदिन जाप पर्याप्त है .
 मन्त्र जाप  के लिए चार प्रमुख बातें  पंडित रमेश चन्द्र श्रीवास्तव जी के अनुसार :
१- मन्त्र का शुद्ध होना 
२- उच्चारण का शुद्ध होना 
३;स्थूल से सूक्ष्म की ओर जाना 
४: बाहय से आंतरिक चेतना का जागरण 

"मन नात त्रायते इति मन्त्र " इसलिए साधकों मन के सुधार के लिए मन्त्र जाप करें

3 टिप्‍पणियां:

  1. bahut gyaanvardhak baat likha hai aapne.adhyatm ke kshetra me aapke yogdan ke prati kritagy hun.

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  2. ये बढ़िया पोस्ट लिखी आपने गलत उच्चारण से नुकसान भी हो जाता है......"

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