4 फ़रवरी 2010

क्लिनिक चिकित्सा शास्त्र ज्योतिष

मेरी  क्लिनिक में आने वाले मरीज मुझे अपने घर का सदस्य मानने लगते है .ऐसा सभी जनरल प्रक्टिस करने वाले डॉक्टर के साथ मरीजों का सम्बन्ध बन जाता है .मेरी चिकित्सा शास्त्र की जानकारी और अनुभव का लाभ मेरे मरीजों को मिले  इसके लिए मै हमेशा प्रयास  करता हूँ .मेरे अनुभव में लोगों की समस्याएँ सिर्फ आधुनिक चिकित्सा यानी एलोपेथी मात्र से शुरुवाती
शारीरिक बीमारी के तल तक ही पूरी तरह से ठीक हो पाती है .सारी लम्बी बिमारियों के लिए एलोपथी चिकित्सा के अलावा परहेज ,आयुर्वेदिक ,होमियो ,योग को शामिल करने से परिणाम
ज्यादा  अच्छे आते है.
योग गुरु रामदेव ने आधुनिक चिकित्सा शास्त्र के प्रमाणों के आधार पर योग और प्राणायाम के परिणाम को सारे विश्व के सामने साबित कर दिया है .स्वामी रामदेव जी ने इस काम को इतनी कुशलता से किया है की आने वाला समय उनके इस योगदान को जीवन शैली के रूप में अपनाने को प्रस्तुत होगा और स्वयं रामदेव जी को भारत के सर्वाधिक प्रतिभाशाली संत और महापुरुष के रूप मै सदैव याद करेगा .
भारत में ज्योतिष को चिकित्सा शास्त्र का प्रारम्भिक हिस्सा माना  जाता रहा है पर आज के समय में ज्योतिशों और आयुर्वेदाचार्यों का  समन्वय नहीं हो पाने के कारण इस तथ्य को बिलकुल उपेक्षित कर दिया गया है . 
 मेरे क्लिनिक में मैंने ऐसे बहुत से मरीजों को लाभ  दिलाया है जो दवा के साथ ज्योतिष उपायों को  भी साथ में करने के लिए तैयार थे . मरीजों ने अपने साथ साथ अपने परिवार  के कई लोगों  की
पत्रिका दिखा कर उनके लिए भी समाधान लिया और उपायों को करके उनको भी लाभ दिलाया .
मेरे मरीज जो मेरे इस ज्ञान को जानते है वो मेरे ज्योतिष के जानकारी के जानकारी से बड़े प्रसन्न होते है क्योंकि उनको  मुझसे यह वेल्यु एडेड सर्विस मिल जाती है .
प्रक्टिस में लोगों को लाभ दिलाना ही तो मेरा काम है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होते देखना बड़ा सुखद अनुभव है .
मेरी  एलोपेथी चिकित्सा शास्त्र के साथ साथ ज्योतिष शास्त्र के प्रति भी आस्था बढ़ गयी है .

7 टिप्‍पणियां:

  1. चिकित्सा विज्ञान तथा ज्योतिष के समन्वय से उल्लेखनीय परिणाम मिलते है क्योंकि ज्योतिष भी एक विज्ञान है।

    इस विषय पर आपने क्या अनुभव किए और मरीजों को क्या लाभ मिला? इस पर लिखें तो अवश्य ही लोगों को फ़ायदा होगा।

    आभार

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  2. ललित जी की बात से सहमत हूं।

    वैसे एक बात, कौन सी पद्धति की कुंडली ज्यादा सटीक मानी जाती है?
    कृष्णमूर्ति या फिर पराशर पद्धति?

    एक पंडित जी हैं, वे मुझसे पराशर पद्धति की कुंडलियां बनवाते हैं, अपने जजमानों की।

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  3. डॉ साहब .. आपके परिश्रम की सराहना करती हूं .. ज्‍योतिष के परंपरागत पद्धति के बारे में मुझे तो कोई जानकारी नहीं .. पर गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के सहारे मैं रोगियों के स्‍वस्‍थ होने का आकलन आसानी से कर लेती हूं !!

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  4. अओका ब्लॉग अपने में अनोखा है.
    आपका स्वागत है.

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  5. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,
    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,
    कलम के पुजारी अगर सो गये तो
    ये धन के पुजारी
    वतन बेंच देगें।



    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में प्रोफेशन से मिशन की ओर बढ़ता "जनोक्ति परिवार "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ ,

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