27 अगस्त 2009

गुरुदेव की जीवनी -1


कलकत्ता में एक बोस परिवार रहता था । उसमे तीन भाई थे । सबसे छोटे भाई शरत चंद्र बोस स्कूल में थे । बाकि दो भाई अपने अपने काम में लग गए थे । उनके माता पिता का जल्दी ही देहांत हो जाने से परिवार में कमाने खाने के लिए ज्यादा परिश्रम करना पड़ता था । सबसे छोटे शरत पढ़ाई में अच्छे होने पर भी अपनी शरारतों मित्रता में ही रमे रहते थे । अभाव बाद भी उनकी किशोर अवस्था तक अच्छी पढ़ाई हो थी । वो अपना समय नए ज्ञान ,और धार्मिक सत्संग भी लगते थे ।

एक दिन युवा शरत की भाभी से कहासुनी हो गई । भाभी ने उसे नही के लिए उलाहना दे दिया । नाराज़ शरत चन्द्र निर्णय लिया की में कलकत्ता से दूर जा कर अपनी जीविका कमाऊंगा ।

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